दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय

ई- 115/ 21 शिवाजी नगर भोपाल 462016

सम्पर्क : 76920 26871 , 83193 79126

यह संस्था साहित्यकारों के सहयोग से चलने वाली पूर्णत: गैर सरकारी संस्था है । इस संस्था को सरकार द्वारा शासकीय भवन आवंटित किया गया है जहां संग्रहालय संचालित है। संस्था को आवंटित इस भवन में साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर होते रहता है।

संस्था साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन तो करती ही है । मूल रूप से दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय का उद्देश्य है साहित्य पूर्वजों की धरोहर को संग्रहित करके सुरक्षित रखना और पर्यटकों शोधार्थियों और विद्यार्थियों को शोध और अध्ययन के लिए उपलब्ध कराना।

संस्था का संचालन साहित्यकारों की एक समिति द्वारा होता है जिसमें अध्यक्ष उपाध्यक्ष और निदेशक सहित एक कार्यकारिणी परिषद है ।

दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय हिंदी और हिंदी साहित्य के रचनाकारों के लिए समर्पित है ।पूर्वज साहित्यकारों की धरोहर के साथ ही प्राचीन ग्रंथ आदि भी यहां सुरक्षित रखे गए हैं। साहित्यिक पूर्वजों की हस्तलिखित धरोहर के अलावा उनके दैनिक उपयोग की वस्तुएं उनके छायाचित्र और उनकी ऑडियो रिकॉर्डिंग का वृहद भंडार दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय में सहेज कर रखा गया है।

दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय की पहल पर शहर में दो मुख्य मार्गो दुष्यंत कुमार मार्ग और शरद जोशी मार्ग का नामकरण किया गया है ।
इसके अलावा संग्रहालय ने अतिथियों के सत्कार के लिए ‘बुके नहीं बुक दे’ की परंपरा का आरंभ भी किया है.
साहित्य को लोकप्रिय बनाने के लिए संग्रहालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर प्रतिमाह एक कविता का अनावरण किया जाता है जो हस्तलिखित रूप में संग्रहालय में सुरक्षित है।

दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय के सहयोग से अभी तक एक दर्जन से अधिक शोधार्थी अपना शोध कार्य पूरा कर चुके हैं । यहां पर रविंद्र नाथ टैगोर विश्वविद्यालय ने अपना अध्ययन केंद्र भी आरंभ करने की घोषणा की है। संग्रहालय के अध्ययन केंद्र में प्रतियोगी परीक्षाओं के विद्यार्थी अध्ययन करने के लिए निरंतर आते हैं।

राजुरकर राज
निदेशक
7692026871, 8319379126